म्यूच्यूअल फंड्स या डायरेक्ट स्टॉक्स : किस्मे निवेश करना लाभदाय होगा?

अगर आप यह सोच रहे के म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश किये पैसे अगर म्यूच्यूअल फंड कंपनी आप की ओर से अगर शेयर बाजार में लगा सकते है तो फिर आप क्यों नहीं, तब यह पोस्ट आपको ज़रूर पढ़ना चाहिए|

देखिये पैसा निवेश करना एक व्यक्तिगत मामला है| लेकिन अपना फैसला लेने से पहले ज़रूरी है की हम समझ ले की म्यूच्यूअल फंड और डायरेक्टर स्टॉक्स में इन्वेस्ट करने की क्या फायदे और नुकसान है|

जैसा की हम जानते है म्यूच्यूअल फंड्स निवेशकों एक निश्चित राशि किसी भी एक म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने देता है|  और यह निवेश किये पैसे आप का म्यूच्यूअल फंड मैनेजर अपने विषेकग्यो के दिए गए रिपोर्ट के अनुसार पैसा शेयर बाजार में लगाता हैं|

लेकिन अगर आप जानकार निवेशक नहीं है तो पैसा शेयर बाजार में निवेश करना समझदारी नहीं होगा| कहने का मतलब यह नहीं है की आप सीधे शेयर में  निवेश नहीं कर सकते है | ऐसा बहुत लोग करते है और मुनाफ़ा भी करते है लेकिन ऐसा सिर्फ गिने-चुने लोग ही कर पाते है | १०० में सिर्फ १० लोगो को सीधे शेयर बाजार में  निवेश करने पर  सफलता प्राप्त करते है| और इन्हे भी कई असफलता भोग करने के बाद ही सफलता मिलती है |

निवेशकों का लक्ष्य सिर्फ एक होता है – बचत किये गए पैसो  में ज़्यादा से ज़्यादा रीटर्न  मिले| और नुकसान कर सीखना अवश्य एक घाटे का  सौदा है इसलिए  म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने में  समझदारी है |

इसके अलावा यह भी समझना ज़रूरी हैं की  शेयर मार्किट में निवेश करना जोखिम का सौदा है | यहाँ आप अगर खुद निवेश करते है और शेयर बाजार में गिरावट आती है तो नुक्सान आपको अकेले उठाना पड़ेगा| लेकिन यदि आप म्यूच्यूअल फंड में निवेश करते है तो शेयर बाज़ार में हुआ नुक्सान आप को अकेले नहीं उठाना पढता है क्यों की आपका फंड मैनेजर आपका पैसा दूसरे निवेशकों के साथ अलग अलग कंपनियों में लगता है जिससे जोखिम का भार फैल जाता है|

म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना शुरुआती निवेशकों के लिए ज़्यादा लाभदायक है सीधे शेयर बाजार में पैसा लगा ने के मुक़ाबले में| यह सिर्फ इस लिए नहीं कहा जा रहा है की शेयर बाजार में निवेश करना जोखिम का काम है बल्कि इसलिए के – म्यूच्यूअल फंड में पैसा कहाँ निवेश करना है इसका निर्णय विशेषज्ञ द्वारा लिया जाता है|

अब आप यह कह सकते है की म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने के लिए म्यूच्यूअल फंड  कोम्पन्यो को एक  फीस  देना पड़ता है | जहा आपकी यह बात सही है वहा यह भी सच है की यह फीस आप और अन्य निवेशकों के बीच बट जाती है| और ब्रोकरेज फीस का एक छोटा हिस्सा ही आपको देना होता है|

अब आते है टैक्स पे| याद रखिये अगर आप शेयर बाजार में सीधा निवेश करते है तो आप १५ प्रतिशत टैक्स देने के लिए उत्तरदायी होंगे अगर आप अपने स्टॉक एक वर्ष केअंतराल में बेचते है| लेकिन यदि आप फंड द्वारा शेयरों पर लाभ करते  जो उस मुनाफ़े पर टैक्स नहीं लगता है।

इसके इलावा आप यह भी समझले की म्यूच्यूअल फंड के द्वारा शेयर बाजार में निवेश करते वक़्त आप पूरी तरह म्यूच्यूअल फंड मैनेजर पे निर्भर  होते है | क्यों की पैसा कहाँ लगाना है इसका निर्णय  सिर्फ आप  का फंड मैनेजर लेता है | लेकिन यदि आप डायरेक्ट स्टॉक में निवेश करते है तो यहाँ आपके निवेश पर आपका नियंत्रण होता है।  लेकिन यहाँ जोखिम भी ज़्यादा होता है|

म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने के लिए आपको बोहत ज़्यादा पैसा नहीं लगाना पड़ता है | सिप (सीतेमाटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) द्वारा आप नियंत्रित तरीके से  पैसा निवेश कर सकते है| लेकिन स्टॉक में लगाने के लिए पूंजी बड़ी होनी चाहिए |

स्टॉक में पैसा लगाने का फ़ायदा यह है की आप जल्दी अच्छे रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन स्टॉक बाजार की पेचीदगि के वजह से स्टॉक में निवेश करना नौसिखियों के लिए ठीक नहीं है | जोखिम बना रहता है |

अक्लमंदी  उसी में  होता है की मुनाफा भी हो और मजोखिम भी काम हो | और ऐसा सिर्फ म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने से होता है |

डिस्क्लेमर : म्युचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं, सभी योजना संबंधी दस्तावेजों को सावधानी पूर्वक पढ़ें.

-टाटा म्यूचुअल फंड द्वारा लिखित सामग्री

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here